Voice of Varun
Voice of Varun
  • Home
  • About Varun
  • More
    • Home
    • About Varun
  • Home
  • About Varun

देश आज़ाद है लेकिन डेटा गुलाम है Solution Sirf Ek DIGITAL SOVEREIGNTY LAW

देश आज़ाद है लेकिन डेटा गुलाम है Solution Sirf Ek DIGITAL SOVEREIGNTY LAWदेश आज़ाद है लेकिन डेटा गुलाम है Solution Sirf Ek DIGITAL SOVEREIGNTY LAWदेश आज़ाद है लेकिन डेटा गुलाम है Solution Sirf Ek DIGITAL SOVEREIGNTY LAW

भारत का डेटा भारत में रहे यही है असली डिजिटल आज़ादी।

डिजिटल संप्रभुता कानून से ही बनेगा आत्मनिर्भर और सुरक्षित भारत
वरुण पारीक 

JOIN THE MOVEMENT

देश आज़ाद है लेकिन डेटा गुलाम है Solution Sirf Ek DIGITAL SOVEREIGNTY LAW

देश आज़ाद है लेकिन डेटा गुलाम है Solution Sirf Ek DIGITAL SOVEREIGNTY LAWदेश आज़ाद है लेकिन डेटा गुलाम है Solution Sirf Ek DIGITAL SOVEREIGNTY LAWदेश आज़ाद है लेकिन डेटा गुलाम है Solution Sirf Ek DIGITAL SOVEREIGNTY LAW

भारत का डेटा भारत में रहे यही है असली डिजिटल आज़ादी।

डिजिटल संप्रभुता कानून से ही बनेगा आत्मनिर्भर और सुरक्षित भारत
वरुण पारीक 

JOIN THE MOVEMENT

भारत को चाहिए डिजिटल आज़ादी

DIGITAL SOVEREIGNTY LAW

नमस्कार मेरे प्यारे देशवासियों,

आज मैं आपसे एक ऐसे मुद्दे पर बात करने आया हूँ, जो न तो न्यूज़ में आता है और न ही चुनावी भाषणों में,

लेकिन यह मुद्दा हमारे देश की आज़ादी, सुरक्षा और भविष्य से सीधा जुड़ा हुआ है।

मुद्दा है — भारत की डिजिटल संप्रभुता।

आज हम कह तो रहे हैं कि “डिजिटल इंडिया” बन गया है,

लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि इस डिजिटल इंडिया का रिमोट कंट्रोल किसके हाथ में है?

⸻

उदाहरण 1: WhatsApp और Facebook

हम हर दिन WhatsApp पर बात करते हैं, Facebook पर पोस्ट करते हैं, लेकिन…

इनका सर्वर कहाँ है? अमेरिका में।

अगर कल अमेरिका की सरकार चाहे, तो इन ऐप्स को भारत में बंद करा सकती है या हमारी बातचीत पढ़ सकती है।

क्या ये आज़ादी है?

⸻

उदाहरण 2: सेना और डेटा

हमारे फौजी जवानों का मेडिकल डेटा, सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट्स और यहां तक कि सरकार की फाइलें —

Google Cloud या Microsoft Azure जैसे विदेशी क्लाउड पर स्टोर होती हैं।

अगर किसी दिन वो कंपनियाँ भारत से खफा हो जाएं, तो क्या हम अपनी ही जानकारी को एक्सेस कर पाएंगे?

⸻

उदाहरण 3: AI का प्रभाव

आज ChatGPT जैसे AI टूल्स, हमारी सोच, हमारी भाषा और हमारे ज्ञान को कंट्रोल कर रहे हैं।

अगर ये AI हमें गलत जानकारी दें,

अगर ये भारत की संस्कृति को तोड़-मरोड़ कर पेश करें —

तो क्या हमारे पास कोई कानूनी हथियार है?

नहीं। क्यूंकि हमारे पास Digital Sovereignty का कानून ही नहीं है।

⸻

अब सवाल उठता है — समाधान क्या है?

समाधान है – एक सशक्त, स्पष्ट और राष्ट्रीय हितों से जुड़ा हुआ डिजिटल संप्रभुता कानून।

जो ये तय करे कि:

1. भारत का डेटा सिर्फ भारत में रहेगा।

2. कोई भी विदेशी ऐप या कंपनी भारत के संविधान और क़ानून के अधीन होगी।

3. भारत की अपनी Cloud, AI, Search, और OS टेक्नोलॉजी विकसित होगी।

4. और सबसे जरूरी — भारत की डिजिटल सीमाओं पर भी सुरक्षा बलों जैसा नियंत्रण होगा।

⸻

मेरा संकल्प – वरुण पारीक का संकल्प

मैं, वरुण पारीक, आज यह संकल्प लेता हूँ कि भारत को डिजिटल गुलामी से मुक्त कराना मेरा मिशन है।

ये सिर्फ कानून की लड़ाई नहीं है,

ये भारत की नई आज़ादी की लड़ाई है।

जिस तरह 1947 में हमने फिरंगियों को भगाया,

उसी तरह 2025 में हमें डिजिटल फिरंगियों से भी मुक्ति पानी है।

मैं नहीं कह रहा कि टेक्नोलॉजी गलत है,

मैं कह रहा हूँ कि टेक्नोलॉजी पर हमारा हक़ होना चाहिए।

⸻

अंत में आपसे एक सवाल:

क्या आप अपने घर की चाबी किसी बाहरी के पास रखना चाहेंगे?

नहीं ना?

तो फिर अपने देश का डेटा किसी विदेशी के पास क्यों?

आइए, एक नए स्वतंत्र डिजिटल भारत की नींव रखें।

जय हिंद। जय भारत।

defaultCtaLearnMore1

Photo Gallery

PDF Download kare

Digital Sovereignty Law

Download PDF

Connect with us

इस लड़ाई में मेरा साथ देकर भारत को आज़ाद बनाये

जिस तरह चिन और रूस ने अपने देश में इस क़ानून को लागू किया है वैसे ही इस क़ानून को में भारत में लागू करके ही दिखाऊँगा 

Voice of Varun

Meera Marg, Bani Park, Jaipur, Jaipur, RJ 302016, India

091192 24710

Follow us on Instagram

Voice of Varun

Fashion Villa meera marg banipark jaipur Jaipur RJ 302016

091192 24710

Copyright © 2025 Voice of Varun - All Rights Reserved.

Powered by

This website uses cookies.

We use cookies to analyze website traffic and optimize your website experience. By accepting our use of cookies, your data will be aggregated with all other user data.

Accept